दीपावली शुभ पूजा मुहूर्त

दीपावली (Diwali Laxmi Puja 2021) की रात माता लक्ष्मी पृथ्वी पर आती हैं और घर-घर जाकर ये देखती हैं किसका घर साफ है और किसके यहां पर विधि-विधान से पूजा हो रही है। माता लक्ष्मी वहीं पर अपनी कृपा बरसाती हैं। दीपावली पर लोग सुख-समृ्द्धि और भौतिक सुखों की प्राप्ति के लिए माता लक्ष्मी की विशेष पूजा करते हैं। ज्योतिष शास्त्र में इसे स्वयं सिद्ध मुहूर्त कहा गया है। यानी इस दिन किए गए उपाय, दान व पूजा आदि कामों से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। आगे जानिए इस दिन के शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, आरती व अन्य खास बातें…| दीपावली शुभ पूजा मुहूर्त

इस विधि से करें देवी लक्ष्मी व श्रीगणेश की पूजा

– दिवाली पर घर को स्वच्छ कर पूजा-स्थान को भी पवित्र कर लें एवं स्वयं भी स्नान आदि कर श्रद्धा-भक्तिपूर्वक शाम के समय शुभ मुहूर्त में महालक्ष्मी व भगवान श्रीगणेश की पूजा करें।

– दीपावली पूजन के लिए किसी चौकी अथवा कपड़े के पवित्र आसन पर गणेशजी के दाहिने भाग में माता महालक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करें। श्रीमहालक्ष्मीजी की मूर्ति के पास ही एक साफ बर्तन में कुछ रुपए रखें तथा एक साथ ही दोनों की पूजा करें।

सबसे पहले पूर्व या उत्तर की मुंह करके अपने ऊपर तथा पूजा-सामग्री पर निम्न मंत्र पढ़कर जल छिड़कें-

ऊं अपवित्र: पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोपि वा।
य: स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तर: शुचि:।।

इसके बाद हाथ में जल और चावल लेकर पूजा का संकल्प करें-

ऊं विष्णुर्विष्णुर्विष्णु: अद्य मासोत्तमे मासे कार्तिकमासे कृष्णपक्षे पुण्यायाममावास्यायां तिथौ वासरे (वार बोलें) गोत्रोत्पन्न: (गोत्र बोलें)/ गुप्तोहंश्रुतिस्मृतिपुराणोक्तफलावाप्तिकामनया ज्ञाताज्ञातकायिकवाचिकमानसिक सकलपापनिवृत्तिपूर्वकं स्थिरलक्ष्मीप्राप्तये श्रीमहालक्ष्मीप्रीत्यर्थं महालक्ष्मीपूजनं कुबेरादीनां च पूजनं करिष्ये। तदड्त्वेन गौरीगणपत्यादिपूजनं च करिष्ये।

ऐसा कहकर संकल्प का जल छोड़ दें। पूजा से पहले नई प्रतिमा की इस विधि से प्राण-प्रतिष्ठा करें। बाएं हाथ में चावल लेकर इस मंत्रों को पढ़ते हुए दाहिने हाथ से उन चावलों को प्रतिमा पर छोड़ते जाएं-

ऊं मनो जूतिर्जुषतामाज्यस्य बृहस्पतिर्यज्ञमिमं तनोत्वरिष्टं यज्ञ समिमं दधातु।

विश्वे देवास इह मादयन्तामोम्प्रतिष्ठ।।
ऊं अस्यै प्राणा: प्रतिष्ठन्तु अस्यै प्राणा: क्षरन्तु च।
अस्यै देवत्वमर्चायै मामहेति च कश्चन।।

– सबसे पहले भगवान श्रीगणेश की पूजा करें। इसके बाद कलश पूजन तथा षोडशमातृका (सोलह देवियों का) पूजन करें। इसके बाद प्रधान पूजा में मंत्रों द्वारा भगवती महालक्ष्मी का षोडशोपचार पूजन करें।

Diwali Laxmi Puja 2021 | दीपावली शुभ पूजा मुहूर्त

ऊं महालक्ष्म्यै नम:– इस नाम मंत्र से भी पूजा की जा सकती है। विधिपूर्वक श्रीमहालक्ष्मी का पूजन करने के बाद हाथ जोड़कर प्रार्थना करें-

सुरासुरेंद्रादिकिरीटमौक्तिकै-
र्युक्तं सदा यक्तव पादपकंजम्।
परावरं पातु वरं सुमंगल
नमामि भक्त्याखिलकामसिद्धये।।
भवानि त्वं महालक्ष्मी: सर्वकामप्रदायिनी।।
सुपूजिता प्रसन्ना स्यान्महालक्ष्मि नमोस्तु ते।।
नमस्ते सर्वदेवानां वरदासि हरिप्रिये।
या गतिस्त्वत्प्रपन्नानां सा मे भूयात् त्वदर्चनात्।।
ऊं महालक्ष्म्यै नम:, प्रार्थनापूर्वकं समस्कारान् समर्पयामि।

प्रार्थना करते हुए नमस्कार करें। पूजा के अंत में कृतोनानेन पूजनेन भगवती महालक्ष्मीदेवी प्रीयताम्, न मम बोलकर सभी पूजन कर्म भगवती महालक्ष्मी को समर्पित करें तथा जल छोड़ें।

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दीपावली शुभ पूजा मुहूर्त (Deepawali Puja Shubh Muhurat 2021)

दीपावली 2021 तिथि 4 नवम्बर 2021 (गुरूवार)
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त शाम 6 बजकर 10 मिनट से शाम 8 बजकर 06 मिनट तक
अवधि 1 घंटे 55 मिनट
प्रदोष काल शाम 5 बजकर 34 मिनट से रात 8 बजकर 06 मिनट तक
वृषभ काल शाम 6 बजकर 10 मिनट से रात 8 बजकर 6 मिनट तक
अमावस्या तिथि आरंभ 4 नवम्बर को सुबह 06:17 से
अमावस्या तिथि समाप्त 5 नवम्बर रात 02:44 तक

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